Posts

कर्क रोग का कारण और बचाव Reason and prevention of cancer

साथियों ,परिस्थिति के अनुसार एक प्रश्न के परिपेक्ष्य में *कैंसर* कर्क रोग पर आधारित यह लेख आप सब तक प्रेषित है , हर सम्भव प्रयास किया गया है कि इसे संक्षेप में और साधारण भाषा में प्रस्तुत किया जाय जिससे सभी जन मानस को समझने में आसानी हो -- आपका ज्ञान प्रकाश मिश्र 'बाबुल' सबसे पहले जान लें कि *कर्क रोग cancer* है क्या ????? मैं तो इसे *कचरे का रोग* कहता हूँ ,शरीर के अंदर अनावश्यक कचरे के जमाव से उतपन्न रोग ही कैसर या कर्क रोग है । यह रोगों का एक वर्ग है जो तीन श्रेणियों में विभक्त हैं पहला जिसमें कोशिकाओं के एक समूह में अनियंत्रित वृद्धि हो जाती है दूसरा यह आस-पास के उतकों का विनाश और उन पर आक्रमण शुरू कर देता है तीसरा लसिका या रक्त के माध्यम से शरीर के अन्य भागों में भी फ़ैल जाता है । कर्क के ये तीन लक्षण इसे सौम्य गाँठ अथवा ट्यूमर या अबुर्द के नाम से विभेदित करते हैं, जो स्वयं सीमित हैं किन्तु आक्रामक नहीं हैं अधिकांश कैंसर एक गाँठ या ट्यूमर बनाते हैं, लेकिन कुछ रक्त के कचरे गाँठ नहीं बनाते है साथ ही प्रत्येक गांठ जो शरीर के अंतः या बाह्य भाग में होती है आवश्यक नह...

कोरोना से बचने का सबसे कारगर उपाय--नेशन मैप ऑन सेफ्टी एंड टेस्ट फॉर यूथ सर्वे के अनुसार

*कोरोना से बचने का सबसे कारगर उपाय क्या है ? यह पता चला लैपिड्री ट्रस्ट के ऑनलाइन सर्वे से* कोरोना से लड़ने के लिए और उसकी परिस्थितियों को समझने के लिए सोशल मीडिया , डॉक्टर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ,प्रिंट मीडिया लगातार यह प्रयास कर रहे हैं और लोगों की परिस्थितियों को समझा जाय, साथ ही साथ देश की बहुत सारी संस्थाएं भी इस कार्य में लगी हुई है कि किस तरीके से भारत की जनता की समस्याओं को कम किया जा सके लेकिन इससे पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर समस्या है कहां और कितनी है ? इसी बात को समझने के लिए पिछले दिनों लैपिडरी ट्रस्ट ने एक ऑनलाइन सर्वेक्षण आयोजित किया था जिसमें देश के पांच राज्यों- उत्तर प्रदेश, दिल्ली महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और गुजरात कि सोशल मीडिया से जुड़ी जनता ने इसमें प्रतिभाग किया इन पांच राज्यों की लगभग 13 जिलों में निवास करने वाली सोशल मीडिया पर एक्टिव जनता ने *नमस्ते* नाम की इस ऑनलाइन सर्वे में भाग लिया लैपिड्री ट्रस्ट के अनुसार यहां नमस्ते का मतलब *नेशन मैप ऑन सेफ्टी एंड टेस्ट फॉर यूथ* है आज इस सर्वेक्षण का रिजल्ट जारी करते हुए यह तथ्य प्रस्तुत किया गया कि *देश की 88% जनसंख्...

आशा के दीप

आओ सब मिल दीप जलाएं ।  समय हो चला तिमिर भगाएं ।।  चलो चलें घर की चौखट पर ।  एक दूजे को आस बंधाए ।।   अनदेखा अनजाना सा डर ।  जाने कौन दिशा से आया ।।  मानव के प्रति मानव में है ।  स्पर्श,घृणा,भय का साया ।।  सब में नव उत्साह जगाएं ।  आओ सब मिल दीप जलाएं ।।  कुछ तो दंड विधाता का है ।  कुछ संस्कृति का है तिरस्कार ।।  छोड़ा शाक, गृह, प्रक्षालन ।  नित योग,ध्यान और नमस्कार ।।  सब आर्य धर्म को अपनाएं ।  आओ सब मिल दीप जलाएं ।।  विश्वास करो निज *बाबुल* पर ।  कर्तव्य हो, आज्ञा पालन हो ।।  जो सक्षम है धन धान्य भरा ।  मानव से मानव - लालन हो ।।  निज में मातृत्व का भाव जगाएं ।  आओ सब मिल दीप जलाएं ।।  फिर लौटेगा वह समय *ज्ञान* ।  सब अधरों के पट खोलेंगे ।।  घननाद,कबड्डी ,किलकारी ।  सब-मिल अजान हम बोलेंगे ।।  जन जन का मन सब बहलायें ।  आओ सब मिल दीप जलाएं ।।  आओ सब मिल दीप जलाएं ।  समय हो चला तिमिर भगाएं ।।  चलो चलें घर की चौखट पर ।  एक दूजे को आस ...

Corona तथ्य और विश्लेषण

Date 31March 2020 Tuesday, tadnusar chaitra shukl paksha Saptami *CORONA - AN ANALYSIS* 🙏 *सर्वप्रथम निवेदन है , घर में ही रहें -- सुरक्षित रहें* सभी को *जय हिंद* मौजूदा हालात के अनुसार आप सब को विविध प्रकार से बहुत सी जानकारियां ,नित नए *ज्ञान* प्रतिपल मिल ही रहे हैं। *मेरा भी प्रयास रहता है कि आपको सही और गलत में भेद करके यथार्थ से परिचित कराता रहूँ* *इसी क्रम में आपको आज नौ मंत्र (तथ्य) बता रहा हूँ* 👉 *तथ्य १ कोरोना क्या है* कोरोना कोई बीमारी नही है यह एक प्रकार का वायरस है (संक्रमण) जिसके पारिवारिक कीटाणु अब विज्ञान और समय के साथ - साथ नए प्रतिरूप में आ गये है ,जैसे-- हमारे अन्न की हाइब्रिड किस्में तैयार की जाती हैं ठीक वैसे ही . 👉 *तथ्य २ बीमारी का नाम* कोरोना बीमारी नही है यह तो हम सब समझ ही गए है । तो बीमारी का नाम क्या है ???? *कोविड 19* 👉 *तथ्य ३फैलाव* यह कीटाणु छीक , खांसी, के माध्यम से निकलने वाले सूक्ष्म जल बिंदुओं के जरिये आसपास की सतह पर चिपक जाता है यदि इस क्रिया में हमने हाथ का प्रयोग किया तो हाथ पर या कपड़ो पर भी चिपक जाता है -- कुछ अनुसंध...

बस तू ONLY YOU -- मुक्तक

मेरे हर ख्वाब में तू है – तेरे हर साज मे मै हूँ ।  तु सुर न भी, दे तो क्या – तेरे हर राग मे मै हूँ ।। ये माना है कि, हर एक गीत – तेरे लव का ही प्यासा है । मगर वो दिन भी आयेगा – निराशा मे भी आशा है ।। मेरे हर शब्द मे तु है –तेरे हर गीत मे मै हूँ । मेरा तू नाम न भी ले – तेरे प्रारब्ध मे मै हूँ ।।  न चाहे तू अगर मुझको – तेरे लव नाम लेंगे ही । दफन कर दे मेरी हर याद – लहू आशीष देंगे ही ।।  जा तू जा दूर मूझसे – भला कब तक तू भागेगी । ये माना पूष कि है रैना – सुबह फिर कल तू जागेगी ।।  तडप मेरी तू क्या जाने – मेरे मन मीत सुन ले तू ।  भडक जायेगी जिस दिन आग – सनम तू ही बुझायेगी ।।  मेरा हर दर्द तेरा है – तेरी हर रूह मेरी है । दवा मेरे मर्ज कि तू – तुझी से साँस मेरी है ।।  तरी आँखों से कश लेके – मै अब तक यार जिंदा हूँ ।  तू खुद कि भी नही है रे – तेरी हर नब्ज मेरी है ।। ---------------------------------------------------------------------

काश कि मैं एक गुलाब होता

काश कि मै एक गुलाब होता   नेहरू बापू का प्यार होता  होता मै विद्यालय में   होता मै पुष्पालय में   पर कौन जानता विधि विधान को   इसलिय पडा हूँ मदिरालय मे   आते है बस पी पी कर  चल देते है बड बड कर   दुख तो मुझको होता है तब   होंठों से उनके लग लग कर  यदि होते मेरे हाथ पैर   तो कब का निकल गया होता   इस मधुशाला से अच्छा तो  एक गौशाला मे पैदा होता   काश ............................   आगे कि व्यथा सुनो मेरी  क्या सपने उसने दिखाये मुझे   कई रूप होते मेरे  पर यही रूप क्यों मिला मुझे  कॉचों का बनना होता ही   एक दीपक बना दिया होता   एक निर्धन के घर मे रह्ता   एक कोना रोशन होता ही   इससे अच्छा नदियों मे ही  गोता खाकर जिंदा रहता   इस मदिरालय से अच्छा तो नदियापय मे पैदा होता  काश कि मै एक गुलाब होता   नेहरू बापू का प्यार होता

ईश्वर पर विश्वास करो ......... THEY GIVE U LOT

एक बच्चा अपनी माँ के साथ एक दुकान पर शॉपिंग करने गया तो ,  दुकानदार ने उसकी मासूमियत देखकर उसको सारी टॉफियों के डिब्बे खोलकर कहा-: "लो बेटा टॉफियाँ ले लो.. .  पर उस बच्चे ने भी बड़े प्यार से उन्हें मना कर दिया... . उसके बावजूद उस दुकानदार ने और उसकी माँ ने भी उसे बहुत कहा पर वो मना करता रहा..  हारकर उस दुकानदार ने खुद अपने हाथ से टॉफियाँ निकाल कर उसको दीं तो उसने ले लीं और अपनी जेब में डाल ली...  . वापस आते हुऐ उसकी माँ ने पूछा कि "जब अंकल तुम्हारे सामने डिब्बा खोल कर टाँफी दे रहे थे , तब तुमने नही ली और जब उन्होंने अपने हाथों से दीं तो ले ली ऐसा क्यों..??"  तब उस बच्चे ने बहुत खूबसूरत प्यारा जवाब दिया - "माँ मेरे हाथ छोटे-छोटे हैं... अगर मैं टॉफियाँ लेता तो दो तीन टाँफियाँ ही आती जबकि अंकल के हाथ बड़े हैं,  इसलिये ज्यादा टॉफियाँ मिल गईं... !!! ✍️👍👍👍👍👍👍  बिल्कुल इसी तरह जब भगवान हमें देता है,  तो वो अपनी मर्जी से देता है और वो हमारी सोच से परे होता है,  हमें हमेशा उसकी मर्जी में खुश रहना चाहिये क्या पता.? वो किसी दिन हमें पूरा समंद...