*कोरोना से बचने का सबसे कारगर उपाय क्या है ? यह पता चला लैपिड्री ट्रस्ट के ऑनलाइन सर्वे से*
कोरोना से लड़ने के लिए और उसकी परिस्थितियों को समझने के लिए सोशल मीडिया , डॉक्टर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ,प्रिंट मीडिया लगातार यह प्रयास कर रहे हैं और लोगों की परिस्थितियों को समझा जाय, साथ ही साथ देश की बहुत सारी संस्थाएं भी इस कार्य में लगी हुई है कि किस तरीके से भारत की जनता की समस्याओं को कम किया जा सके लेकिन इससे पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर समस्या है कहां और कितनी है ? इसी बात को समझने के लिए पिछले दिनों लैपिडरी ट्रस्ट ने एक ऑनलाइन सर्वेक्षण आयोजित किया था जिसमें देश के पांच राज्यों- उत्तर प्रदेश, दिल्ली महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और गुजरात कि सोशल मीडिया से जुड़ी जनता ने इसमें प्रतिभाग किया इन पांच राज्यों की लगभग 13 जिलों में निवास करने वाली सोशल मीडिया पर एक्टिव जनता ने *नमस्ते* नाम की इस ऑनलाइन सर्वे में भाग लिया लैपिड्री ट्रस्ट के अनुसार यहां नमस्ते का मतलब *नेशन मैप ऑन सेफ्टी एंड टेस्ट फॉर यूथ* है आज इस सर्वेक्षण का रिजल्ट जारी करते हुए यह तथ्य प्रस्तुत किया गया कि *देश की 88% जनसंख्या कोरोना से बचने के लिए सबसे कारगर उपाय घर पर रहना ही मानती है* 8% जनसंख्या रोग प्रतिरोधक क्षमता को तथा 4% जनसंख्या गर्म पानी पीने से करोना नही होगा यह मानती है। भारत की जनता लॉक डॉउन को गंभीरता से नहीं ले रही है ऐसा 20% लोगों का मानना है जबकि 44% भारत की जनसंख्या लॉक डाउन के प्रति सजग है वहीं पुलिस को 36% भाग में लॉक डाउन को सख्ती से पालन कराने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है ।
76% भारतीय जनसंख्या को उनकी जरूरत के सामान आसानी से दुकान पर मिल जा रहे हैं जबकि केवल 20% जनसंख्या को इन में दिक्कत आ रही है भारत की 4% जनसंख्या को उनकी जरूरत के सामान डोर टू डोर आसानी से मिल जा रहे हैं इतना ही नहीं भारतीय जनता यह भी मानती है कि कोरोना की जांच की गति अभी बहुत धीमी है इसी के कारण सर्वे में शामिल 76% लोग यह कह रहे हैं कि उनके आसपास कोई कोरोना का संक्रमित मरीज नहीं है यदि पूरी ईमानदारी से सैम्पल टेस्टिंग हो रही है तो हमारे लिए काफी सुखद समाचार है कि अभी 8% लोगों के घरों के आसपास कोरोना मरीज मिले हैं ,16% ऐसे लोगों की संख्या है जिन्हें यही नहीं पता कि उनके आसपास कोई संक्रमित है भी या नहीं लैपिड्री ट्रस्ट आने वाले समय में सिर्फ इस विषय को लेकर के ऑनलाइन सर्वे करवाएगा कि देश में लॉक डाउन की वजह से कितने लोग बेरोजगार बैठे हैं जिन्हें किसी प्रकार से भी कोई मदद नहीं मिल रही है ।
पहली बार, उसके आने पर बिटिया को कैसे समझाएं ? How to explain menstruation to your daughter when she gets her first period ?
एक दिन लाडो स्कूल से आई और चुपचाप डरी सहमी सी अपनी मां से लिपट कर रोने लगी !!!!! श्रीमती जी ने बड़े प्यार से पुचकारते हुए पूछा , क्या हुआ बिटिया ? किसी ने कुछ कहा है क्या ? किसी ने मारा है क्या ? मैडम ने कुछ कहा ? प्रिंसिपल ने कुछ बोला ? तुम्हारा कोई सामान चोरी हो गया है ??? किसी से झगड़ा करके आई हो ?? कुछ दर्द कर रहा है ??? एक सांस में न जाने कितने सवाल पूछ डालें, आखिर ठहरा तो मां का दिल, और बिटिया सिर्फ सिसकियां लिए जा रही थी, कुछ बोली ही नहीं ! काफी देर बाद जब मैने श्रीमती जी से पूछा कि आखिर हुआ क्या था ? बिटिया रो क्यों रही थी? तो उन्होंने बताया की उसे लड़कियों वाली समस्या शुरू हो गई है, और उसकी अंडरवियर में ब्लड स्पॉट ( खून के धब्बे ) लगे थे ! वो डर गई थी कि क्या हो गया !! .............. तब मुझे लगा कि, इस तरीके से काम चलने वाला नहीं है, हमें इस शारीरिक परिवर्तन के बारे में अब उसे स्पष्ट रूप से सब कुछ बताना होगा, और इसकी पूरी जानकारी उसे देनी होगी । ताकि कोई और बेटी इन धब्बों को देखकर डरे नहीं ✍️✍️✍️ कोई और माँ इस सच को अपनी बेटी को बताने में झिझके न...
बहुत सुंदर और सटीक तथ्य
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