After sex - शारीरिक और मानसिक मनोदशा
✍️💞💖💕🌹💗😘 संभोग या सहवास ( sex ) केवल शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि ऊर्जा, मन और इंद्रियों का जटिल समन्वय है। उसके बाद का क्षण भी उतना ही गहन और संवेदनशील होता है। पुरुष और स्त्री दोनों का अनुभव अलग होता है, और उसे समझना आत्म-जागरूकता और आपसी सामंजस्य के लिए आवश्यक है। 1. पुरुष का अनुभव सम्भोग के बाद पुरुष का शरीर और मन अचानक शिथिल और आराम की ओर झुकता है। शारीरिक अनुभव: लिंग ढीला पड़ता है, मांसपेशियों में थकान। हृदय गति धीरे-धीरे सामान्य हो जाती है। साँसें लंबी, धीमी और गहरी हो जाती हैं। शरीर भारीपन और ऊर्जा के बहाव की कमी महसूस करता है। मानसिक स्थिति: पुरुष आत्मनिरीक्षण की ओर झुकता है। अनुभव को पचाने और ऊर्जा को स्थिर करने की आवश्यकता होती है। संवेदनाओं पर ध्यान कम हो जाता है; मन अंदर की ओर केंद्रित होता है। इंद्रिय अनुभव: स्पर्श और नज़दीकी की तीव्रता कम। आंखें आधी बंद, शरीर शिथिल और आराम की स्थिति में। पुरुष इस समय अनुभव को अंदर की दुनिया में संजोता है। यह समय उसके लिए एकांत और मानसिक स्थिरता का है। ✍️✍️✍️✍️✍️ 2. स्त्री का अनुभव स्त्री का शरीर सम्भोग के बाद भी ऊर्जावान औ...