तर्पण की सरल रीति परिचय - TARPAN IN PITRA PAKSH
1. तर्पण का सामान्य परिचय तर्पण भारतीय धार्मिक परंपरा में देवताओं, ऋषियों, पितरों तथा अन्य पूज्य व्यक्तियों के प्रति जल अर्पित करने की एक विधि है। प्रस्तुत परंपरा में तर्पण को सरल रूप से नित्यकर्म के साथ संपन्न करने योग्य बताया गया है। तर्पण की मुख्यतः तीन विधियाँ बताई गई हैं— 1. दोनों हाथों से तर्पण करना। 2. एक पात्र से दूसरे पात्र में जल अर्पित करते हुए तर्पण करना। 3. एक हाथ से जल अर्पित करके तर्पण करना। यहाँ सरल एवं सुलभ विधि का वर्णन किया गया है, जिसमें बहुत अधिक सामग्री की आवश्यकता नहीं होती। --- # 2. तर्पण की प्रारंभिक तैयारी तर्पण से पूर्व सामान्यतः— * पवित्रीकरण आदि प्रारंभिक कर्म किए जाते हैं। * प्राणायाम किया जाता है। * तर्पण का संकल्प लिया जाता है। * तर्पण-पात्र में जल रखा जाता है। * जल में गंगाजल अथवा तीर्थजल मिलाया जाता है। * चंदन, पुष्प, तुलसी आदि उपलब्ध सामग्री रखी जा सकती है। संकल्प में देव, ऋषि, मनुष्य और पितृ तर्पण का संकल्प किया जाता है। --- # 3. देव तर्पण ## दिशा और कुश की स्थिति देव तर्पण में कुश की तीन पत्तियाँ ली जाती हैं। उनके अग्रभाग को सामने की ओर रखते हुए हथे...