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ईरान अमेरिका इजराइल युद्ध में पाकिस्तान का रोल क्यों ? Why is Pakistan playing an important role in the Iran-US-Israel conflict?

 पाकिस्तान का रुतबा या डर  ✍️✍️✍️✍️✍️✍️ इजरायल ईरान और अमेरिका के युद्ध को लेकर के एक बड़ी खबर आई कि पाकिस्तान ने मध्यस्थता करके युद्ध को रुकवा दिया है ।  इसमें भारत की किरकिरी हो रही है ,प्रधानमंत्री मोदी की किरकिरी हो रही है, भारत में विपक्षी राजनीतिक पार्टियां वर्तमान भारत सरकार को आड़े  हाथों लेकर के उन्हें कोस रही है  !  की जो पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह  देता है , जो पाकिस्तान पानी और आटे के लिए गृहयुद्ध लड़ रहा है , जो पाकिस्तान दिवालिया होने को है , वह आज ग्लोबल लीडर बन गया ! उसने अमेरिका और ईरान का युद्ध रुकवा दिया !!   इन घटनाक्रम के पीछे का , मै  अपना तथ्य रखना चाहता हूं ✍️✍️ जो आज तक किसी मीडिया ने   प्रिंट मीडिया , सोशल मीडिया ,  डिजिटल मीडिया हो या  इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने अपने विश्लेषण में शामिल नहीं किया । मुझे जहां तक लगता है कि पाकिस्तान इस युद्ध को रुकवाने में इसलिए ज्यादा दिलचस्पी ले रहा है,  क्योंकि जितने भी मुस्लिम देश हैं उन सभी मुस्लिम देशों में केवल पाकिस्तान एक ऐसा राष्ट्र है जिसके पास परमाणु हथ...

शादी से पहले जानना जरूरी है !! Impotance of Orgasm in sex - शारीरिक और मानसिक परिभाषा ,स्वरूप

✍️💞💖💕🌹💗😘 संभोग या सहवास ( sex )  केवल शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि ऊर्जा, मन और इंद्रियों का जटिल समन्वय है। उसके बाद का क्षण भी उतना ही गहन और संवेदनशील होता है। पुरुष और स्त्री दोनों का अनुभव अलग होता है, और उसे समझना आत्म-जागरूकता और आपसी सामंजस्य के लिए आवश्यक है। इस लेख को दो भाग में बांट कर इस कहानी को आसानी से समझने का प्रयास करते हैं .... पहले भाग में समझते हैं कि एक स्त्री के लिए इस क्रिया को जानना कितना जरूरी होता है ??  यह क्रिया जीवन के अहम विषय से कैसे जुड़ी है??  इस विषय पर किसी स्त्री को बताया ,समझाया, शिक्षा क्यों नहीं दी जाती ?  और सबसे जरूरी बात की यह विषय विवाह से पहले जाने रहना क्यों आवश्यक है??  इस विषय पर मै आगे कुछ कहूं,  इससे पहले यह जान लेना जरूरी है कि स्त्री और पुरुष के बीच में बनने वाला संबंध  शरीर के अंदर से उठने वाली उत्तेजना , जोश या कामुकता पर निर्भर करता है , पुरुष में यह कामुकता कभी भी जग सकती है !!!!  किंतु स्त्री में यही कामुकता जगानी पड़ती है इसे ही ऑर्गेज्म / कामोन्माद / कामुकता / जोश कहते हैं। पार्ट 1.1 स...

भारत का गौरव - PROUD TO BE AN INDIAN

भारत विश्व गुरू क्यों ??? 01. शतरंज के खेल की खोज भारत मे हुई। 02. भारत ने अपने इतिहास में किसी भी देश पर कब्जा नहीं किया। 03. अमेरिका की जेमोलोजिकल संस्थान के अनुसार 1896 तक भारत ही केवल हीरो का स्त्रोत था। 04. भारत 17वीं सदी तक धरती पर सबसे अमीर देश था इसलिए यह सोने की चीडिया कहलाता था। 05. भारत में संख्या पद्धति का आविष्कार हुआ, आर्यभट्ट ने शून्य की कल्पना की। 06. नाविक विद्या की खोज 6000 पूर्व भारत में सिन्धु नदी में हुई थी। 07. विश्व का पहला विश्वविध्यालय तक्षशिला 700 बीसी भारत में स्थापित हुआ था। 08. संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। 09. भास्कराचार्य ने सूर्य का ग्रहपथ समय 365.258756484 दिन पांचवी शताब्दी में दिया था, न्यूटन के दादा के जन्म से पहले। 10. आयुर्वेद का जन्म भारत में हुआ। 11. चाण्क्य के अर्थशास्त्र का जन्म भारत में। 12. विश्व का पुराना पुस्तक वेद भारत में। 13. मानव जाती का विकास भारत में। 14. सभ्यता का विकास भारत में। 15. विज्ञान का विकास भारत में। 16. वायुयान का आविष्कार शिवकर तलपड़े ने 1895 में किया था। 17. पाइथागोरस परिमेय का सुत्र उपनिषदों में पाया गया है। 18. बैटरी ...

हिंदी हिन्द की शान - Hindi Divas

 है हिन्दी हिन्द की शान  ये देश है हिन्दुस्तान , है प्यारा देश महान , यें भारत मेरी जान  हिन्द शीश पर लहराता है लह-लह कर तिरंगा  हिन्द पादुका चरण पखारे कल-कल करती गंगा ।। नाम हिन्द है, काम हिन्द का , हिन्दीं इसकी जान  नाम ज्ञान है, काम ध्यान है ,हिन्दीं मेरी शान  जहाँ रहूँ मैं, जो भी करूं मैं, करूँ हिन्द गुणगान ये देश है हिन्दुस्तान हिन्द बाहु में बज्ररूप है, खड़ा हिमालय संगा  हिन्द काहु में नहीं मंद है, सबसे है यह चंगा । गान हिन्द की,  जान हिन्द की , अपनी समझूं जान  हिंदी हिन्द की, बिन्दी हिन्द की, कंगना हिन्द की शान जहाँ मरूँ मैं, जहाँ जलूँ मै --  करके हिन्द गुणगान ये देश है हिन्दुस्तान  ये हिन्दी हिन्द की शान , ये भारत देश महान  ये देश है हिन्दुस्तान ।।

मेरे जीवन की अल्फाबेट

 तुम मेरे जीवन की अल्फाबेट  तुम प्यारी मेरी कुसुमकली ।  कोई नाम नहीं तेरा प्रियतम  नाजों से मेरे संग खिली  ।।  A से आत्मा मेरी हो  B से बदनों की महक तुम्ही  C चाहे तुमको प्राणों सा  D से दिल की हो धड़क तुम्ही  E इतरा कर बलखा के चली  तुम प्यारी मेरी कुसुमकली  कोई नाम नहीं तेरा प्रियतम  नाजों से मेरे संग खिली  ।।  तुम मेरे जीवन की अल्फाबेट  तुम प्यारी मेरी कुसुमकली ।  F फंगस सा मै चिपका रहूं  G बन जाओ तुम घिबली सी  H हंसती हो तो फूल झरे  I  तुम बनके बिजली सी  J से जिगरा की स्वांस नली  तुम प्यारी मेरी कुसुमकली।। कोई नाम नहीं तेरा प्रियतम  नाजों से मेरे संग खिली  ।।  तुम मेरे जीवन की अल्फाबेट  तुम प्यारी मेरी कुसुमकली । K क्यूं इतना तड़पाती हो  L से लव है तुमसे,  मुझको  M से ममता की मूरत हो  N नॉटी लगती हो मुझको  O ओ!! दिल लेके कहां चली तुम प्यारी मेरी कुसुमकली  कोई नाम नहीं तेरा प्रियतम  नाजों से मेरे संग खिली  ।।...

वो अनकही बात...! The UnTold story...

 "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः"। मनुस्मृति के इस श्लोक में बताया गया है कि, जहाँ नारी की पूजा होती है वही देवताओं का वास होता है।  पूजनीय नारी को हमारा समाज इतनी हीन दृष्टि से क्यों देखता है ? की जैसे स्त्री केवल एक काम वासना की चीज है । उसके शरीर और  अंगों की व्याख्या हम अपनी भ्रांतियों के आधार पर क्यों करते है ? जबकि सत्य कुछ और ही है ।  इस लेख में हम स्त्री के शारीरिक ढांचे  से जुड़े ऐसे चार बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे  जिनके बारे में हम आपस में खुलकर न कुछ बोलना और न ही चर्चा करना पसंद करते हैं  ....... इस कारण  लोग सच और भ्रांति (भ्रम ) के बीच झूलते रहते है किंतु विमर्श करने में  होंठ सिल जाते है  हम बात करेंगे स्त्रियों के लिप्स (होंठ ) से लेकर  हिप्स ( नितंब ) तक के कुल चार  विशिष्ट अंगों की , जिनके संबंध में बहुत सारे मिथक समाज में फैले है जिनके डर से स्त्रियां  अपने जीवन के वास्तविक सुख से समझौता कर लेती हैं , किंतु ये लेखक का दावा है कि इस लेख को दो - तीन बार ध्यान से पढ़ने के बाद आपके सारे ...

कैसी लिखी गई हनुमान चालीसा ✍️ How was Hanuman Chalisa written?

हनुमान चालीसा की रचना कैसे हुई भगवान को अगर किसी युग में आसानी से प्राप्त किया जा सकता है तो वह युग है कलियुग। इस कथन को सत्य करता एक दोहा श्री रामचरितमानस में तुलसीदास जी ने लिखा है कलियुग केवल नाम अधारा । सुमिर सुमिर नर उतरहि पारा।। भावार्थ यह है की कलयुग में मोक्ष प्राप्त करने का एक ही साधन है, और  वो है भगवान का नाम जप । तुलसीदास जी ने अपने पूरे जीवन काल में कोई भी ऐसी बात नहीं लिखी जो तर्कसंगत न हो। ऐसा माना जाता है कि कलयुग में हनुमान जी सबसे जल्दी प्रसन्न हो जाने वाले भगवान हैं। तुलसीदास जी ने हनुमान जी की स्तुति में कई रचनाएँ करी है ,  जिनमें हनुमान बाहुक, हनुमानाष्टक और हनुमान चालीसा प्रमुख हैं। हनुमान चालीसा की रचना के पीछे एक बहुत जी रोचक घटना है जिसकी जानकारी शायद ही किसी को हो।  आइये जानते हैं हनुमान चालीसा की रचना की कहानी  ये बात उस समय की है , जब भारत पर मुग़ल सम्राट अकबर का शासन था।  एक दिन सुबह के  समय  एक महिला ने पूजा से लौटते हुए तुलसीदास जी के पैर छुए , तुलसीदास जी ने प्रत्युत्तर  में  उसे सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद दे द...