Posts

पहली बार, उसके आने पर बिटिया को कैसे समझाएं ? How to explain menstruation to your daughter when she gets her first period ?

एक दिन लाडो स्कूल से आई और चुपचाप डरी सहमी सी अपनी मां से लिपट कर रोने लगी !!!!!  श्रीमती जी ने बड़े प्यार से पुचकारते हुए पूछा , क्या हुआ बिटिया ? किसी ने कुछ कहा है क्या ? किसी ने मारा है क्या ? मैडम ने कुछ कहा ? प्रिंसिपल ने कुछ बोला ? तुम्हारा कोई सामान चोरी हो गया है ??? किसी से झगड़ा करके आई हो ?? कुछ दर्द कर रहा है ??? एक सांस में न जाने कितने सवाल पूछ डालें, आखिर ठहरा तो मां का दिल, और बिटिया सिर्फ सिसकियां लिए जा रही थी, कुछ बोली ही नहीं ! काफी देर बाद जब मैने श्रीमती जी  से पूछा कि आखिर हुआ क्या था ? बिटिया रो क्यों रही थी? तो उन्होंने बताया की उसे लड़कियों वाली समस्या शुरू हो गई है, और उसकी अंडरवियर में ब्लड स्पॉट ( खून के धब्बे ) लगे थे ! वो डर गई थी कि क्या हो गया !! .............. तब मुझे लगा कि, इस तरीके से काम चलने वाला नहीं है, हमें इस शारीरिक परिवर्तन के बारे में अब उसे स्पष्ट रूप से सब कुछ बताना होगा, और इसकी पूरी जानकारी उसे देनी होगी ।  ताकि कोई और बेटी इन धब्बों को देखकर डरे नहीं ✍️✍️✍️  कोई और माँ इस सच को अपनी बेटी को बताने में झिझके न...

ईरान अमेरिका इजराइल युद्ध में पाकिस्तान का रोल क्यों ? Why is Pakistan playing an important role in the Iran-US-Israel conflict?

 पाकिस्तान का रुतबा या डर  ✍️✍️✍️✍️✍️✍️ इजरायल ईरान और अमेरिका के युद्ध को लेकर के एक बड़ी खबर आई कि पाकिस्तान ने मध्यस्थता करके युद्ध को रुकवा दिया है ।  इसमें भारत की किरकिरी हो रही है ,प्रधानमंत्री मोदी की किरकिरी हो रही है, भारत में विपक्षी राजनीतिक पार्टियां वर्तमान भारत सरकार को आड़े  हाथों लेकर के उन्हें कोस रही है  !  की जो पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह  देता है , जो पाकिस्तान पानी और आटे के लिए गृहयुद्ध लड़ रहा है , जो पाकिस्तान दिवालिया होने को है , वह आज ग्लोबल लीडर बन गया ! उसने अमेरिका और ईरान का युद्ध रुकवा दिया !!   इन घटनाक्रम के पीछे का , मै  अपना तथ्य रखना चाहता हूं ✍️✍️ जो आज तक किसी मीडिया ने   प्रिंट मीडिया , सोशल मीडिया ,  डिजिटल मीडिया हो या  इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने अपने विश्लेषण में शामिल नहीं किया । मुझे जहां तक लगता है कि पाकिस्तान इस युद्ध को रुकवाने में इसलिए ज्यादा दिलचस्पी ले रहा है,  क्योंकि जितने भी मुस्लिम देश हैं उन सभी मुस्लिम देशों में केवल पाकिस्तान एक ऐसा राष्ट्र है जिसके पास परमाणु हथ...

शादी से पहले जानना जरूरी है !! Impotance of Orgasm in sex - शारीरिक और मानसिक परिभाषा ,स्वरूप

✍️💞💖💕🌹💗😘 संभोग या सहवास ( sex )  केवल शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि ऊर्जा, मन और इंद्रियों का जटिल समन्वय है। उसके बाद का क्षण भी उतना ही गहन और संवेदनशील होता है। पुरुष और स्त्री दोनों का अनुभव अलग होता है, और उसे समझना आत्म-जागरूकता और आपसी सामंजस्य के लिए आवश्यक है। इस लेख को दो भाग में बांट कर इस कहानी को आसानी से समझने का प्रयास करते हैं .... पहले भाग में समझते हैं कि एक स्त्री के लिए इस क्रिया को जानना कितना जरूरी होता है ??  यह क्रिया जीवन के अहम विषय से कैसे जुड़ी है??  इस विषय पर किसी स्त्री को बताया ,समझाया, शिक्षा क्यों नहीं दी जाती ?  और सबसे जरूरी बात की यह विषय विवाह से पहले जाने रहना क्यों आवश्यक है??  इस विषय पर मै आगे कुछ कहूं,  इससे पहले यह जान लेना जरूरी है कि स्त्री और पुरुष के बीच में बनने वाला संबंध  शरीर के अंदर से उठने वाली उत्तेजना , जोश या कामुकता पर निर्भर करता है , पुरुष में यह कामुकता कभी भी जग सकती है !!!!  किंतु स्त्री में यही कामुकता जगानी पड़ती है इसे ही ऑर्गेज्म / कामोन्माद / कामुकता / जोश कहते हैं। पार्ट 1.1 स...

भारत का गौरव - PROUD TO BE AN INDIAN

भारत विश्व गुरू क्यों ??? 01. शतरंज के खेल की खोज भारत मे हुई। 02. भारत ने अपने इतिहास में किसी भी देश पर कब्जा नहीं किया। 03. अमेरिका की जेमोलोजिकल संस्थान के अनुसार 1896 तक भारत ही केवल हीरो का स्त्रोत था। 04. भारत 17वीं सदी तक धरती पर सबसे अमीर देश था इसलिए यह सोने की चीडिया कहलाता था। 05. भारत में संख्या पद्धति का आविष्कार हुआ, आर्यभट्ट ने शून्य की कल्पना की। 06. नाविक विद्या की खोज 6000 पूर्व भारत में सिन्धु नदी में हुई थी। 07. विश्व का पहला विश्वविध्यालय तक्षशिला 700 बीसी भारत में स्थापित हुआ था। 08. संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। 09. भास्कराचार्य ने सूर्य का ग्रहपथ समय 365.258756484 दिन पांचवी शताब्दी में दिया था, न्यूटन के दादा के जन्म से पहले। 10. आयुर्वेद का जन्म भारत में हुआ। 11. चाण्क्य के अर्थशास्त्र का जन्म भारत में। 12. विश्व का पुराना पुस्तक वेद भारत में। 13. मानव जाती का विकास भारत में। 14. सभ्यता का विकास भारत में। 15. विज्ञान का विकास भारत में। 16. वायुयान का आविष्कार शिवकर तलपड़े ने 1895 में किया था। 17. पाइथागोरस परिमेय का सुत्र उपनिषदों में पाया गया है। 18. बैटरी ...

हिंदी हिन्द की शान - Hindi Divas

 है हिन्दी हिन्द की शान  ये देश है हिन्दुस्तान , है प्यारा देश महान , यें भारत मेरी जान  हिन्द शीश पर लहराता है लह-लह कर तिरंगा  हिन्द पादुका चरण पखारे कल-कल करती गंगा ।। नाम हिन्द है, काम हिन्द का , हिन्दीं इसकी जान  नाम ज्ञान है, काम ध्यान है ,हिन्दीं मेरी शान  जहाँ रहूँ मैं, जो भी करूं मैं, करूँ हिन्द गुणगान ये देश है हिन्दुस्तान हिन्द बाहु में बज्ररूप है, खड़ा हिमालय संगा  हिन्द काहु में नहीं मंद है, सबसे है यह चंगा । गान हिन्द की,  जान हिन्द की , अपनी समझूं जान  हिंदी हिन्द की, बिन्दी हिन्द की, कंगना हिन्द की शान जहाँ मरूँ मैं, जहाँ जलूँ मै --  करके हिन्द गुणगान ये देश है हिन्दुस्तान  ये हिन्दी हिन्द की शान , ये भारत देश महान  ये देश है हिन्दुस्तान ।।

मेरे जीवन की अल्फाबेट

 तुम मेरे जीवन की अल्फाबेट  तुम प्यारी मेरी कुसुमकली ।  कोई नाम नहीं तेरा प्रियतम  नाजों से मेरे संग खिली  ।।  A से आत्मा मेरी हो  B से बदनों की महक तुम्ही  C चाहे तुमको प्राणों सा  D से दिल की हो धड़क तुम्ही  E इतरा कर बलखा के चली  तुम प्यारी मेरी कुसुमकली  कोई नाम नहीं तेरा प्रियतम  नाजों से मेरे संग खिली  ।।  तुम मेरे जीवन की अल्फाबेट  तुम प्यारी मेरी कुसुमकली ।  F फंगस सा मै चिपका रहूं  G बन जाओ तुम घिबली सी  H हंसती हो तो फूल झरे  I  तुम बनके बिजली सी  J से जिगरा की स्वांस नली  तुम प्यारी मेरी कुसुमकली।। कोई नाम नहीं तेरा प्रियतम  नाजों से मेरे संग खिली  ।।  तुम मेरे जीवन की अल्फाबेट  तुम प्यारी मेरी कुसुमकली । K क्यूं इतना तड़पाती हो  L से लव है तुमसे,  मुझको  M से ममता की मूरत हो  N नॉटी लगती हो मुझको  O ओ!! दिल लेके कहां चली तुम प्यारी मेरी कुसुमकली  कोई नाम नहीं तेरा प्रियतम  नाजों से मेरे संग खिली  ।।...

वो अनकही बात...! The UnTold story...

 "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः"। मनुस्मृति के इस श्लोक में बताया गया है कि, जहाँ नारी की पूजा होती है वही देवताओं का वास होता है।  पूजनीय नारी को हमारा समाज इतनी हीन दृष्टि से क्यों देखता है ? की जैसे स्त्री केवल एक काम वासना की चीज है । उसके शरीर और  अंगों की व्याख्या हम अपनी भ्रांतियों के आधार पर क्यों करते है ? जबकि सत्य कुछ और ही है ।  इस लेख में हम स्त्री के शारीरिक ढांचे  से जुड़े ऐसे चार बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे  जिनके बारे में हम आपस में खुलकर न कुछ बोलना और न ही चर्चा करना पसंद करते हैं  ....... इस कारण  लोग सच और भ्रांति (भ्रम ) के बीच झूलते रहते है किंतु विमर्श करने में  होंठ सिल जाते है  हम बात करेंगे स्त्रियों के लिप्स (होंठ ) से लेकर  हिप्स ( नितंब ) तक के कुल चार  विशिष्ट अंगों की , जिनके संबंध में बहुत सारे मिथक समाज में फैले है जिनके डर से स्त्रियां  अपने जीवन के वास्तविक सुख से समझौता कर लेती हैं , किंतु ये लेखक का दावा है कि इस लेख को दो - तीन बार ध्यान से पढ़ने के बाद आपके सारे ...

कैसी लिखी गई हनुमान चालीसा ✍️ How was Hanuman Chalisa written?

हनुमान चालीसा की रचना कैसे हुई भगवान को अगर किसी युग में आसानी से प्राप्त किया जा सकता है तो वह युग है कलियुग। इस कथन को सत्य करता एक दोहा श्री रामचरितमानस में तुलसीदास जी ने लिखा है कलियुग केवल नाम अधारा । सुमिर सुमिर नर उतरहि पारा।। भावार्थ यह है की कलयुग में मोक्ष प्राप्त करने का एक ही साधन है, और  वो है भगवान का नाम जप । तुलसीदास जी ने अपने पूरे जीवन काल में कोई भी ऐसी बात नहीं लिखी जो तर्कसंगत न हो। ऐसा माना जाता है कि कलयुग में हनुमान जी सबसे जल्दी प्रसन्न हो जाने वाले भगवान हैं। तुलसीदास जी ने हनुमान जी की स्तुति में कई रचनाएँ करी है ,  जिनमें हनुमान बाहुक, हनुमानाष्टक और हनुमान चालीसा प्रमुख हैं। हनुमान चालीसा की रचना के पीछे एक बहुत जी रोचक घटना है जिसकी जानकारी शायद ही किसी को हो।  आइये जानते हैं हनुमान चालीसा की रचना की कहानी  ये बात उस समय की है , जब भारत पर मुग़ल सम्राट अकबर का शासन था।  एक दिन सुबह के  समय  एक महिला ने पूजा से लौटते हुए तुलसीदास जी के पैर छुए , तुलसीदास जी ने प्रत्युत्तर  में  उसे सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद दे द...

कौन है हमारा असली VALENTINE

 जिस दिन हम इस मोह माया के सांसारिक प्रपंच से #breakup कर लेंगे  और ईश्वर के #roses रूपी चरणों में अनुराग हो जाएगा   मेरे राघवेंद्र सरकार का #promise  है  कि उसी दिन से दुनिया की कोई ताकत आपसे #flert नहीं कर पाएगी  कोई आप को #kick  नहीं कर पाएगा   एक बार एहसास करके देखिए की आपके जीवन में क्या #missing है   मेरी जगत जननी के सामने एक बार अपनी अज्ञानता का #confession करके तो देखिए  वो असीम शक्ति इतनी दयालू है कि तुरंत ही आपको अपनी शरण चरण से उठाकर #hug  कर लेगी  एक बार हृदय से उन्हें #propose  करके तो देखिए   इंसान के रूप में जीव उस माया पति ईश्वर का बनाया सबसे प्यारा #teddy  है   वो कभी अपने शरणागत को ही नहीं,  नीच से नीच ,अधम पापियों को भी #slap  नहीं लगाती  ..... बल्कि हमारे अपराधों को विस्मृत करके हम सब को उपहार #chocolate  भी देती है   मेरे स्वामी के भक्ति की #perfumes  में  इतनी ताकत है , की बड़ी से बड़ी विपदा भी इस सुगंध के प्रभाव  से ...

शरद पूर्णिमा SHARAD POORNIMA KI KHEER

आश्विन पूर्णिमा/शरद् पूर्णिमा / कोजागिरी पूर्णिमा  ====================== शरद ऋतु की पूर्णिमा को शरद् पूर्णिमा कहते हैं. हिन्दू धर्म में शरद् पूर्णिमा का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है. शरद् पूर्णिमा की रात को खीर बनाकर चांदनी रात में रखने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. ऐसा माना जाता है ऐसा करने से खीर में औषधीय गुण आ जाते हैं जिसे ग्रहण करने पर व्यक्ति को स्वास्थ्य लाभ होता है। इस दिन खीर बनाने का तरीका बाकी दिनों की तुलना में थोड़ा अलग होता है. शरद् पूर्णिमा के दिन खीर बनाने के लिए व्यक्ति को कुछ खास नियमों का पालन करना पड़ता है. जिसकी अनदेखी करने पर व्यक्ति को इस व्रत का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है. आइए जानते हैं क्या है इस दिन खीर से जुड़े ये कुछ खास नियम। *खीर का बर्तन कैसा हो* ============≈===== सबसे पहले खीर बनाते समय या चांदनी रात में रखने से पहले उसके पात्र का ध्यान रखें. शरद् पूर्णिमा के दिन खीर किसी चांदी के बर्तन में रखें. यदि चांदी का बर्तन घर में मौजूद न हो तो खीर के बर्तन में एक चांदी का चम्मच ही डालकर रख दें. इसके अलावा आप खीर रखने के लिए मिट्टी, कांसा या पीतल के ब...

भारत 'रतन ' टाटा BHARAT 'RATAN' TATA

 रतन टाटा    देश के बड़े उद्योगपति रतन टाटा का निधन हो गया। उन्होंने 86 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इलाज चल रहा था। हालांकि 8 oct.2024  को  दोपहर में रतन टाटा ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि वह ठीक हैं और पोस्ट में लिखा था कि वो अस्पताल में रूटीन चैकअप के लिए गए थे। उन्होंने कहा कि मेरी चिंता करने के लिए सभी का धन्यवाद, लेकिन मैं एक दम ठीक हूं। चिंता की कोई बात नहीं है। 28 दिसंबर 1937 को हुआ था जन्म देश की जानी मानी हस्ती रतन टाटा को भारत के दो सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण (2000) और पद्म विभूषण (2008) से भी सम्मानित किए जा चुका है। रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर, 1937 को सूरत में हुआ था। उनके माता-पिता का नाम नवल टाटा और सूनी कमिसारीट था। जब रतन टाटा 10 साल के थे, तब वे अपने माता पिता से अलग हो गए थे। उसके बाद उन्हें जेएन पेटिट पारसी अनाथालय के माध्यम से उनकी दादी नवाजबाई टाटा ने औपचारिक रूप से गोद ले लिया था। रतन टाटा का पालन-पोषण उनके सौतेले भाई नोएल टाटा (नवल टाटा और सिमोन टाटा के...

शिक्षक दिवस Teachers day

भारत का गौरवशाली इतिहास, भारत की महान शिक्षक परम्परा में शिक्षक बनना सबसे बड़ा उत्तरदायित्व हैं, क्योंकि एक शिक्षक वह दिशा सूचक है जो जिज्ञासा, ज्ञान और बुद्धिमानी के चुम्बक को सक्रिय बनाता है। डाक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन =================≈======  ०५ सितंबर १८८८ को चेन्नई से लगभग २०० किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित एक छोटे से कस्बे तिरुताणी में डॉक्टर राधाकृष्णन का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम सर्वपल्ली वी. रामास्वामी और माता का नाम श्रीमती सीता झा था। रामास्वामी एक गरीब ब्राह्मण थे और तिरुताणी कस्बे के जमींदार के यहां एक साधारण कर्मचारी के समान कार्य करते थे। डॉक्टर राधाकृष्णन अपने पिता की दूसरी संतान थे। उनके चार भाई और एक छोटी बहन थी छः बहन-भाईयों और दो माता-पिता को मिलाकर आठ सदस्यों के इस परिवार की आय अत्यंत सीमित थी। इस सीमित आय में भी डॉक्टर राधाकृष्णन ने सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। उन्होंने न केवल महान शिक्षाविद के रूप में ख्याति प्राप्त की,बल्कि देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद को भी सुशोभित किया। स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति सर...

पति; परमेश्वर या दास ?

एक कहावत तो आप सब ने जरूर सुनी होगी कि हर कामयाब इंसान के पीछे एक स्त्री का हाथ होता है, पर क्या आपने कभी यह सुना है कि हर नाकामयाबी के पीछे स्त्री का हाथ होता है -- शायद नहीं सुना होगा, इस विषय पर मैंने इतिहास को खंगाला और अपने सनातन ग्रंथों का भी अध्ययन किया तो मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि इंसान विशेषकर पुरुष चाहे वह सुर हो या असुर, अमीर हो या गरीब, चाहे जैसा भी हो उसके सुख- दुख,हानि -लाभ,यश-अपयश, कामयाबी - नाकामयाबी में स्त्री एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, शायद इसीलिए स्त्री को देवी और नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है, जो सर्व सिद्धि दात्री है । पर क्या आपने कभी यह सोचा है कि हमारे सनातन संस्कृति और वैदिक धर्म मे पति को देव या पति को परमेश्वर माना गया है किन्तु क्या उन्हें वह दर्जा मिलता है ? विशेषकर इस आधुनिक युग में , 21वीं सदी में , क्या स्त्रियां अपने पति को परमेश्वर मानती हैं ? आज इसी विषय पर चर्चा करेंगे तो आइए शुरुआत करते हैं ।  आज भी हमारे समाज में स्त्रियां अपने पति को परमेश्वर मानती हैं, यह सही है, यथार्थ है, कटु सत्य है - अपने पति को देवता मान करके उनक...