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Corona तथ्य और विश्लेषण

Date 31March 2020 Tuesday, tadnusar chaitra shukl paksha Saptami *CORONA - AN ANALYSIS* 🙏 *सर्वप्रथम निवेदन है , घर में ही रहें -- सुरक्षित रहें* सभी को *जय हिंद* मौजूदा हालात के अनुसार आप सब को विविध प्रकार से बहुत सी जानकारियां ,नित नए *ज्ञान* प्रतिपल मिल ही रहे हैं। *मेरा भी प्रयास रहता है कि आपको सही और गलत में भेद करके यथार्थ से परिचित कराता रहूँ* *इसी क्रम में आपको आज नौ मंत्र (तथ्य) बता रहा हूँ* 👉 *तथ्य १ कोरोना क्या है* कोरोना कोई बीमारी नही है यह एक प्रकार का वायरस है (संक्रमण) जिसके पारिवारिक कीटाणु अब विज्ञान और समय के साथ - साथ नए प्रतिरूप में आ गये है ,जैसे-- हमारे अन्न की हाइब्रिड किस्में तैयार की जाती हैं ठीक वैसे ही . 👉 *तथ्य २ बीमारी का नाम* कोरोना बीमारी नही है यह तो हम सब समझ ही गए है । तो बीमारी का नाम क्या है ???? *कोविड 19* 👉 *तथ्य ३फैलाव* यह कीटाणु छीक , खांसी, के माध्यम से निकलने वाले सूक्ष्म जल बिंदुओं के जरिये आसपास की सतह पर चिपक जाता है यदि इस क्रिया में हमने हाथ का प्रयोग किया तो हाथ पर या कपड़ो पर भी चिपक जाता है -- कुछ अनुसंध...

बस तू ONLY YOU -- मुक्तक

मेरे हर ख्वाब में तू है – तेरे हर साज मे मै हूँ ।  तु सुर न भी, दे तो क्या – तेरे हर राग मे मै हूँ ।। ये माना है कि, हर एक गीत – तेरे लव का ही प्यासा है । मगर वो दिन भी आयेगा – निराशा मे भी आशा है ।। मेरे हर शब्द मे तु है –तेरे हर गीत मे मै हूँ । मेरा तू नाम न भी ले – तेरे प्रारब्ध मे मै हूँ ।।  न चाहे तू अगर मुझको – तेरे लव नाम लेंगे ही । दफन कर दे मेरी हर याद – लहू आशीष देंगे ही ।।  जा तू जा दूर मूझसे – भला कब तक तू भागेगी । ये माना पूष कि है रैना – सुबह फिर कल तू जागेगी ।।  तडप मेरी तू क्या जाने – मेरे मन मीत सुन ले तू ।  भडक जायेगी जिस दिन आग – सनम तू ही बुझायेगी ।।  मेरा हर दर्द तेरा है – तेरी हर रूह मेरी है । दवा मेरे मर्ज कि तू – तुझी से साँस मेरी है ।।  तरी आँखों से कश लेके – मै अब तक यार जिंदा हूँ ।  तू खुद कि भी नही है रे – तेरी हर नब्ज मेरी है ।। ---------------------------------------------------------------------

काश कि मैं एक गुलाब होता

काश कि मै एक गुलाब होता   नेहरू बापू का प्यार होता  होता मै विद्यालय में   होता मै पुष्पालय में   पर कौन जानता विधि विधान को   इसलिय पडा हूँ मदिरालय मे   आते है बस पी पी कर  चल देते है बड बड कर   दुख तो मुझको होता है तब   होंठों से उनके लग लग कर  यदि होते मेरे हाथ पैर   तो कब का निकल गया होता   इस मधुशाला से अच्छा तो  एक गौशाला मे पैदा होता   काश ............................   आगे कि व्यथा सुनो मेरी  क्या सपने उसने दिखाये मुझे   कई रूप होते मेरे  पर यही रूप क्यों मिला मुझे  कॉचों का बनना होता ही   एक दीपक बना दिया होता   एक निर्धन के घर मे रह्ता   एक कोना रोशन होता ही   इससे अच्छा नदियों मे ही  गोता खाकर जिंदा रहता   इस मदिरालय से अच्छा तो नदियापय मे पैदा होता  काश कि मै एक गुलाब होता   नेहरू बापू का प्यार होता

ईश्वर पर विश्वास करो ......... THEY GIVE U LOT

एक बच्चा अपनी माँ के साथ एक दुकान पर शॉपिंग करने गया तो ,  दुकानदार ने उसकी मासूमियत देखकर उसको सारी टॉफियों के डिब्बे खोलकर कहा-: "लो बेटा टॉफियाँ ले लो.. .  पर उस बच्चे ने भी बड़े प्यार से उन्हें मना कर दिया... . उसके बावजूद उस दुकानदार ने और उसकी माँ ने भी उसे बहुत कहा पर वो मना करता रहा..  हारकर उस दुकानदार ने खुद अपने हाथ से टॉफियाँ निकाल कर उसको दीं तो उसने ले लीं और अपनी जेब में डाल ली...  . वापस आते हुऐ उसकी माँ ने पूछा कि "जब अंकल तुम्हारे सामने डिब्बा खोल कर टाँफी दे रहे थे , तब तुमने नही ली और जब उन्होंने अपने हाथों से दीं तो ले ली ऐसा क्यों..??"  तब उस बच्चे ने बहुत खूबसूरत प्यारा जवाब दिया - "माँ मेरे हाथ छोटे-छोटे हैं... अगर मैं टॉफियाँ लेता तो दो तीन टाँफियाँ ही आती जबकि अंकल के हाथ बड़े हैं,  इसलिये ज्यादा टॉफियाँ मिल गईं... !!! ✍️👍👍👍👍👍👍  बिल्कुल इसी तरह जब भगवान हमें देता है,  तो वो अपनी मर्जी से देता है और वो हमारी सोच से परे होता है,  हमें हमेशा उसकी मर्जी में खुश रहना चाहिये क्या पता.? वो किसी दिन हमें पूरा समंद...

vaishno dham

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