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काश कि मैं एक गुलाब होता

काश कि मै एक गुलाब होता   नेहरू बापू का प्यार होता  होता मै विद्यालय में   होता मै पुष्पालय में   पर कौन जानता विधि विधान को   इसलिय पडा हूँ मदिरालय मे   आते है बस पी पी कर  चल देते है बड बड कर   दुख तो मुझको होता है तब   होंठों से उनके लग लग कर  यदि होते मेरे हाथ पैर   तो कब का निकल गया होता   इस मधुशाला से अच्छा तो  एक गौशाला मे पैदा होता   काश ............................   आगे कि व्यथा सुनो मेरी  क्या सपने उसने दिखाये मुझे   कई रूप होते मेरे  पर यही रूप क्यों मिला मुझे  कॉचों का बनना होता ही   एक दीपक बना दिया होता   एक निर्धन के घर मे रह्ता   एक कोना रोशन होता ही   इससे अच्छा नदियों मे ही  गोता खाकर जिंदा रहता   इस मदिरालय से अच्छा तो नदियापय मे पैदा होता  काश कि मै एक गुलाब होता   नेहरू बापू का प्यार होता

ईश्वर पर विश्वास करो ......... THEY GIVE U LOT

एक बच्चा अपनी माँ के साथ एक दुकान पर शॉपिंग करने गया तो ,  दुकानदार ने उसकी मासूमियत देखकर उसको सारी टॉफियों के डिब्बे खोलकर कहा-: "लो बेटा टॉफियाँ ले लो.. .  पर उस बच्चे ने भी बड़े प्यार से उन्हें मना कर दिया... . उसके बावजूद उस दुकानदार ने और उसकी माँ ने भी उसे बहुत कहा पर वो मना करता रहा..  हारकर उस दुकानदार ने खुद अपने हाथ से टॉफियाँ निकाल कर उसको दीं तो उसने ले लीं और अपनी जेब में डाल ली...  . वापस आते हुऐ उसकी माँ ने पूछा कि "जब अंकल तुम्हारे सामने डिब्बा खोल कर टाँफी दे रहे थे , तब तुमने नही ली और जब उन्होंने अपने हाथों से दीं तो ले ली ऐसा क्यों..??"  तब उस बच्चे ने बहुत खूबसूरत प्यारा जवाब दिया - "माँ मेरे हाथ छोटे-छोटे हैं... अगर मैं टॉफियाँ लेता तो दो तीन टाँफियाँ ही आती जबकि अंकल के हाथ बड़े हैं,  इसलिये ज्यादा टॉफियाँ मिल गईं... !!! ✍️👍👍👍👍👍👍  बिल्कुल इसी तरह जब भगवान हमें देता है,  तो वो अपनी मर्जी से देता है और वो हमारी सोच से परे होता है,  हमें हमेशा उसकी मर्जी में खुश रहना चाहिये क्या पता.? वो किसी दिन हमें पूरा समंद...

vaishno dham

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