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होंठ गुलाबी

अगर आप अपने होठों के फटने या कालेपन से परेशान हैं तो टेंशन न लें, नीचे दिए जा रहे कुछ आसान घरेलू नुस्खों से आप अपने होठों की सुन्दरता को चार चांद लगा सकते हैं....  - होठों को रूखेपन और फटने से बचाने के लिए थोड़ी सी मलाई में चुटकी भर हल्दी मिलाकर धीरे धीरे होठो पर मालिश करें।   - होठों को फटने से बचाने के लिए रात में सोते समय सरसों के तेल को गुनगुना कर अपनी नाभि पर लगाएं। यह आयुर्वेदिक प्रयोग बेहद चमत्कारी है, इसका असर मात्र 12 घंटों में नजर आने लगता है।  - होठों पर पपड़ी जमने पर- अगर आपके होठों पर पपड़ी जम जाती है तो बादाम का तेल रात को सोते समय होंठो पर लगाएं।   - होंठो के कालेपन को दूर करने के लिए गुलाब की पंखुडिय़ों को पीसकर उसमें थोड़ी सी ग्लिसरीन मिलाकर इस लेप को रोजाना अपने होंठों पर लगाएं होंठों का कालापन जल्दी ही दूर होने लगेगा और लिपस्टिक लगाना बन्द कर दें।   - होंठों को हमेशा गुलाबी रखने के लिए- दही के मक्खन में केसर मिलाकर होठों पर मलने से आपके होंठ हमेशा गुलाबी रहेंगे।

NEW STUDY WAY

We want to change the system of studying. कक्षा 8 से 12 तक के STUDENT'S रट्टा मार STUDY करने से बाज नहीँ आते.  आखिर करेँ भी क्या?  उनका सारा समय और ध्यान MATH'S ,SCIENCE और ENGLISH पर रहता है आओ जानेँ कि कैसे हम उनकी रट्टा मार कर पढनेँ की आदत को बदलेँ साथ ही कैसे उनका ध्यान अध्ययन की तरफ आकर्षित करेँ हर छात्र को उसकी रुचि के अनुरूप उसके स्वाध्याय को मनन करनेँ की छूट दी जाय अर्थात छात्र को यह स्वतंत्रता हो कि वह यदि नकल लिखने का homework करके लाता है तो आवश्यक नहीँ की पाठ्य पुस्तक से ही नकल लिखे , नकल मेँ वह छात्र कोई कहानी,चुटकुल्ला,लघुकथा,गीत,कविता,खेल वृतांत, समाचार अपनी सुविधा और रुचि के अनुसार कुछ भी लिख कर ला सके। सामाजिक अध्ययन जैसे अन्य बोझिल से लगने वाले विषयोँ को कथात्मक रूप मेँ कहानी की तरह रोचक पूर्ण तरीके पढाया जाय. SO LET'S GO AHEAD AND INJOY THE NEW WAY OF LEARNING . LEARN BY GAME FOR GAIN

CCS गीत - विद्यालय गीत

चौधरी चरण सिँह इ.का. एंव् आई टी आई के उद्घाटन अवसर हेतु रचित विद्यालय गीत   आओ सब मिल नमन करेँ इस विद्या मन्दिर धाम को।  धरा पुत्र अपने गुरुजन, चौधरी चरण सिँह नाम को॥  सरयु तट के ग्राम महोली का अनुपम उपहार है ये।  हर "बाबुल" के नवकिसलय के जीवन का आधार है ये॥  यशोभूमि के तप से बदलेँ विधि के लिखे विधान को।  आओ सब मिल नमन करेँ इस विद्या मन्दिर धाम को॥  मान मिटे,सम्मान मिले निज ऐसी शिक्षा मिलती है।  गंध लिए स्नेह दया की कली सदा ही खिलती है॥  पतझड़,सावन या बरखा हो,बदलेँ हर परिणाम को।  आओ सब मिल नमन करेँ इस विद्या मन्दिर धाम को॥  मुदित,मनोहर मंगलकारी इसका ये परिवेश है।  निज के वास्ते स्वर्ग धरा का,यही हमारा देश है॥  कभी न धूमिल होने देँगेँ अपने इस अभिमान को।  धरा पुत्र अपने गुरुजन, चौधरी चरण सिँह नाम को॥  "ज्ञान" ज्योति की अमर किरण से रहे प्रकाशित जग सारा।  अ आ इ ई,जय हिन्द,जय हो,सदा कहे ये इकतारा॥  ज्ञानदायिनी मात् भूमि ,स्वीकार करो प्रणाम को।  धरा पुत्र अपने गुरुजन, चौधरी चरण सिँह नाम को॥  ...